Thursday, 14 February 2019

004 - रूहानी मार्ग की बातें - 'शब्द की कमाई' से ही मिलना है।

1. देह तो दुःख सुख का घर है, इसमे तो दोनों ही जरुर आयेंगे, सो इसे अच्छा मान के भुगत ले। जो कई वर्षो का दुःख होता है, वह सत्संगी को थोड़े दिनों में ही भुगताया जाता है, सो किसी बात की चिंता न करना.

Saturday, 9 February 2019

एक भूले भटके जीव को कबीर जी ने कैसे सही रास्ता दिखाया ?

एक बार बरसात के मौसम मेँ अचानक साधु महात्मा कबीर साहब के घर पर आ गए . बरखा के कारण कबीर साहब दो दिन से कपड़ा बेचने बाजार मेँ नहीँ जा पाए थे. घर मेँ खाने का प्रबंध पूरा नहीँ था.

Thursday, 31 January 2019

सचखंड जाने के कितने विक्लप है ?

कबीर साहेब मर्तलोक से सचखंड जाने के इस क्रम को चार भागों में भांटते है।

1. चींटी चाल -- कबीर साहेब कहते है के इस अभ्यास में सबसे पहले जीव की हालत चींटी जैसी होती है जिस तरह चींटी दीवार पर चढ़ती है गिर जाती है फिर चढ़ती है फिर गिर जाती है।।शुरू शुरू में इस अभ्यास में प्रेम औऱ विश्वास से काम लेना पड़ता है।

Thursday, 24 January 2019

गुरू कौन है ?

मैने एक आदमी से पूछा कि गुरू कौन है ! वो सेब खा रहा था,उसने एक सेब मेरे हाथ मैं देकर मुझसे पूछा इसमें कितने बीज हें बता सकते हो ? 

Thursday, 17 January 2019

सतगुरु ने नामदेव जी की लाज कसे रखी ?

     
 नामदेव जी एक पूर्ण संत हुए हैं। उनके गुरु ने उन्हें नाम की दौलत दी जो संसार में सबसे अमूल्य वस्तु है। नामदेव के घरवाले सभी सांसारिक लोग थे इसलिए आप इस आंतरिक भेद को उन से छिपाकर रखते थे।

Thursday, 10 January 2019

003 - रूहानी मार्ग की बातें - गुरु के शबद रूपी झाड़ू


1. संतमत में आप कभी नहीं हारते, आपकी हमेशा जीत होती है। आपकी कभी हार नहीं होती। महाराज जी (महाराज सावन सिंह) कहा करते थे की अगर आप मेरे पास अपनी कामयाबी लेकर नहीं आ सकते, तो कम से

Friday, 28 December 2018

राबा बसरी ने 7 मुल्कों की बादशाही क्यों ठुकराई ?

बीबी राबा बसरी इरान की एक मशहूर संत हुई है. एक दफा वह अपनी कुटिया में 6 दिन भजन में बैठी थी

Wednesday, 19 December 2018

मालिक ने कबीर जी की लाज कसे रखी ?


भगत कबीर जी की बेटी की शादी का समय नजदीक आ रहा था। सभी नगर  वासीयों में कानाफूसी चल रही थी कि देखो कबीर की बेटी की शादी है,और इनको कोई फिक्र ही नहीं। पता नहीं यह बरातियों की आवभगत

Thursday, 13 December 2018

संत भजन सिमरन पर इतना जोर क्यों देते हैं ?


एक बार बाबा सावन सिंह जी महाराज से एक सत्संगी ने पूछा कि हुज़ूर! आप अपने सत्संग में भजन सिमरन पर ही इतना जोर क्यों देते हैं? जबकि आप अच्छी तरह से जानते हैं कि हमसे भजन सिमरन

Tuesday, 4 December 2018

एक सत्संगी की रूह कहाँ तक जा सकती है ?




बड़े हुजूर महाराज जी से किसी सत्संगी ने पूछा -  हुजूर ! जहाँ से रूह को लाया गया है, क्या वहाँ वह बैगुनाह थी ?
    बड़े महाराज जी उत्तर देते हुए कहते है - बेशक ! ये रूहे अचेत पड़ी हुई थी, मालिक ने इन्हें इस सृष्टि में भेज

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