Friday, 13 September 2019

069 - राजा पीपा को रूहानी ज्ञान कैसे हुआ ?

राजा पीपा जी का नाम आप सभी सुना ही होगा. ये एक राजा थे जो बाद में उच्च कोटि के महात्मा बन कर उभरे. राजा पीपा जी को अध्यात्म में गहरी रूचि थी. 

Friday, 6 September 2019

068 - संत के चौला छोड़ने के बाद शिष्य की देखभाल कौन करता है ?


परम संत सावन सिंह कहते हैं कि इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति को अपने पिछले जन्मों के इकट्ठे किए हुए कर्मों का भारी बोझ भुगतना पड़ता है और जो कोई भी बिना हुक्म से नामदान देने की जिम्मेदारी लेता है से अपने

Monday, 2 September 2019

067 - फिर कभी मरेगा ही नही सिर्फ शरीर बदलेगा


ऐसा कहते हैं कि नानक देव जी जब आठ वर्ष के थे तब पहली बार अपने घर से अकेले निकल पड़े, सब घर वाले और पूरा गाँव चिंतित हो गया तब शाम को किसी ने नानक के पिता श्री कालू मेहता को खबर दी कि

Thursday, 22 August 2019

066 - जीवन का एक अटल सत्य क्या है ?


एक चतुर व्यक्ति को काल से बहुत डर लगता था. एक दिन उसे चतुराई सूझी और काल को अपना मित्र बना लिया.

उसने अपने मित्र काल से कहा- मित्र, तुम किसी को भी नहीं छोड़ते हो, किसी दिन मुझे भी गाल में धर लोगो!काल ने कहा- ये मृत्यु लोक है. जो आया है उसे मरना ही है. सृष्टि का यह शाश्वत नियम है इस लिए मैं मजबूर हूं.

Friday, 16 August 2019

रूहानी मार्ग की बातें - भजन सिमरन करते रहने से ...

1. हम एक दूसरे के साथ कर्मों की डोरी से बँधे हुए हैं, हम अपने कर्मों के लेन-देन का हिसाब पूरा करने के लिए ही यहां आते हैं। संसार में कोई माँ-बाप और औलाद बनकर आ जाता है, कोई यार-दोस्त और रिश्तेदार बनकर आ जाता है। लेकिन जैसे-जैसे इस जन्म में प्रारब्ध कर्मों का का हिसाब-किताब ख़त्म हो जाता है, हम

Friday, 9 August 2019

065 - सेवा का लाभ कैसे होता है ?


हमारे कर्म कितने गहरे हैं यह हम नही जानते। कई ऐसे छोटे छोटे कर्म भी होते हैं जिनके भुगतान के लिये हमें दुबारा इस संसार में आना पड़े। पर सतगुरु नही चाहते कि हम यहां इन छोटे छोटे कर्मों की वजह से यहां आयें इसिलिये ही सतगुरु हमसे सेवा करवा कर इन कर्मों का भुगतान करवा देते हैं।

Saturday, 3 August 2019

064 - सत्संगी के पांच गोल्डन रूल्स क्या है ?




Rule -1 सिमरन तो करना ही पड़ेगा

एक बार बाबा सावन सिंह जी महाराज से एक सत्संगी ने पूछा कि हुज़ूर! आप अपने सत्संग में भजन सिमरन पर ही इतना जोर क्यों देते हैं? जबकि आप अच्छी तरह से जानते हैं कि हमसे भजन सिमरन नहीं होता। 

Thursday, 25 July 2019

063 - मरे हुए जिंदा आदमी के क्या लक्षण है ?

यदि भीतर की घड़ी, भीतर का समय विचार से भरा हो, वासना से भरा हो, कामना से भरा हो, तो व्यक्ति मरकर वापस लौट आता है। लेकिन भीतर का समय यदि बिलकुल शुद्ध हो, सिर्फ समय हो, कोई विचार नहीं, कोई कामना नहीं, कोई तृष्णा का सूत्र नहीं, शुद्ध क्षण हो समय का, जैसे निश्छल पानी हो, जरा भी कुछ और अशुद्धि 

Monday, 15 July 2019

062 - बच्चे से पूछा गया कि तुम्हारी आखिरी इच्छा क्या है ?

एक राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ति के लिए आशा लगाए बैठा था लेकिन पुत्र नहीं हुआ, उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग लेने को कहा - 

Thursday, 4 July 2019

रूहानी मार्ग की बातें - काश की मेरे ऊपर भी इतनी दया-महर हो जाये

1. जो व्यक्ति लगातार अंदर सिमरन-अभ्यास करते रहने की आदत डाल लेता है, उसे बड़ा सुकून मिलता है और उसे लगातार सिमरन करते रहने की इतनी जबरदस्त आवश्यकता महसूस होती है कि वो इसके बिना रह

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