जो भी हमें परमात्मा की ओर खींचे उसकी ओर जाने के लिए प्रेरणा दे, वही दया-मेहर है चाहे परमात्मा से मिली किसी दात के लिए आप आभारी होकर उसका ध्यान करते है, या चाहे किसी दू:खपूर्ण घटना के आघात की वजह से उसकी
और मुँह मोड़ते है जिस प्रकार भी उसकी और ध्यान जाता है दया-मेहर है | जो कुछ भी परमात्मा की और ले जाता है, हमारे ह्रदय को उसके प्रेम से भरता है, हमारे ध्यान को उसकी ओर खींचता है, दया-मेहर है | वह दुनियावी दृष्टि से दू:खपूर्ण है या सुखपूर्ण, यह अलग बात है, क्योंकि उस मालिक के लिए न कोई चीज सुखदायी है न ही दू:खदायी | जिस तरह उसे ठीक लगता है, उसी तरह वह आत्मा को अपनी और खींचता है और यही उसकी दया-मेहर है |गुरुबॉक्स चैनल महान संतों और उनकी शिक्षाओं को समर्पित है। गुरुबॉक्स का लक्ष्य लोगों को अधिक भजन और सिमरन/ध्यान के लिए प्रेरित करना है।
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