Saturday, 18 December 2021

160 - इस जगत में चार राम कोनसे है ?

एक बार किसी ने कबीर जी से पूछा किसको भज रहे हो जी? कबीर जी ने कहा " राम जी को"

फिर उसने पूछा "कौन से राम जी को ?

Saturday, 4 December 2021

159 - सच्ची प्रार्थना क्या होती ?

शिष्य ने गुरु से पूछा - हम प्रार्थना करते हैं, तो होंठ हिलते हैं पर आपके होंठ नहीं हिलते ? आप

Saturday, 27 November 2021

158 - साधु की पहचान कैसे होती है ?

किसी जंगल में एक संत महात्मा रहते थे। सन्यासियों वाली वेश भूषा थी और बातों में सदाचार का भाव, चेहरे पर इतना तेज था कि कोई भी इंसान उनसे प्रभावित हुए नहीं रह सकता था।

Saturday, 13 November 2021

157 - दुःख से छूटने का क्या उपाय है ?

एक व्यक्ति अपने गुरु के पास गया और बोला, गुरुदेव, दुख से छूटने का कोई उपाय बताइए। शिष्य ने थोड़े शब्दों में बहुत बड़ा प्रश्न किया था। दुखों की दुनिया में जीना लेकिन उसी से मुक्ति

Sunday, 7 November 2021

156 - स्वर्ग जाने का मार्ग क्या है?

एक साधु था। एक आदमी उसके पास आया और उसने कहा, और वह आदमी जो था, भारत में बड़ा प्रसिद्ध आदमी था, बहुत बड़ा सेनापति था। उसके दोनों तरफ तलवारें लटकी हुई थीं।

Saturday, 30 October 2021

155 - भगवान मदद कैसे करते हैं ?

एक शहर में एक अमीर सेठ रहता था। उसके पास बहुत पैसा था। वह बहुत फैक्ट्रियों का मालिक था। एक शाम अचानक उसे बहुत बैचेनी होने लगी। डॉक्टर को बुलाया गया सारे जाँच करवा लिये

Friday, 22 October 2021

154 - मालिक सब का भरण पोषण कैसे करता है ?

एक गृहस्थ भक्त अपनी जीविका का आधा भाग घर में दो दिन के खर्च के लिए पत्नी को देकर अपने गुरुदेव के पास गया । दो दिन बाद उसने अपने गुरुदेव को निवेदन किया के अभी मुझे घर जाना है।

Friday, 15 October 2021

153 - मालिक की अरदास करने सही समय कोनसा होता है ?

एक बार राजा अकबर ने बीरबल से पूछा कि तुम हिंदू लोग दिन में कभी मंदिर जाते हो, कभी पूजा-पाठ करते हो, आखिर भगवान तुम्हें देता क्या है ?

Saturday, 9 October 2021

152 - दूसरों द्वारा किये गए पाप-कर्मों का फल किसे मिलता है ?

एक बार की बात है की किसी राजा ने यह फैसला लिया के वह प्रतिदिन 100 अंधे लोगों को खीर खिलाया करेगा। एक दिन खीर वाले दूध में सांप ने मुंह डाला और दूध में विष डाल दी और ज़हरीली

Sunday, 3 October 2021

151 - क्या भगवान के यहाँ पर भी दो-दो डायरी होती हैं ?


 
बहुत समय पहले की बात है, एक संत हुआ करते थे। उनकी भक्ति ऐसी थी कि वो अपनी धुन में इतने मस्त हो जाते थे और उनको कुछ होश नहीं रहता था। उनकी अदा और चाल इतनी मस्तानी हो

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