Friday, 31 July 2020

106 - साधु के संगति का असर क्या होता है ?

एक चोर राजमहल में चोरी करने गया, उसने राजा-रानी की बातें सुनी । राजा रानी से कह रहे थे कि गंगा तट पर बहुत साधु ठहरे हैं, उनमें से किसी एक को चुनकर अपनी कन्या का विवाह कर देंगें । यह सुनकर चोर साधु का रुप धारण

Monday, 27 July 2020

105 - संसार किसी के लिए भी नही रुकता

एक घर के मुखिया को यह अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी दुकान थी। उससे जो आय होती थी, उसी से उसके परिवार का गुजारा चलता था। चूंकि कमाने वाला वह अकेला ही था इसलिए उसे लगता था कि उसके बगैर कुछ नहीं हो सकता। वह लोगों के सामने डींग हांका करता था।

Saturday, 18 July 2020

104 - संत वचन हमेशा सच होते हैं.

एक संत के पास 30 सेवक रहते थे एक सेवक ने गुरुजी के आगे अरदास की महाराज जी मेरी बहन की शादी है तो आज एक महीना रह गया है तो मैं दस दिन के लिए वहां जाऊंगा कृपा करें आप भी साथ चले तो अच्छी बात है
गुरु जी ने कहा बेटा देखो समय बताएगा नहीं तो तेरे को तो हम जानें ही देंगे। उस सेवक ने बीच-बीच में इशारा

Monday, 13 July 2020

रूहानी मार्ग की बातें - जिन्दगी एक रेलवे स्टेशन की तरह है


1. जिन्दगी एक रेलवे स्टेशन की तरह है ,आत्मा एक ट्रेन है जो आती है और चली जाती है ,पर सतगुरु इनक़्वायरि  काऊंटर पर बैठे हैं ,जो हमेशा कहते हैं मे आई हेल्प यू ? और हेल्प करते भी हैं ,की कौनसी गाड़ी में कितना वक्त

Friday, 3 July 2020

103 - अमृत वेले में उठने के लिए रात्रि सोने का रूटीन क्या होना चाहिए ?


अमृत वेले में उठने के लिए रात्रि सोने का रूटीन भी ठीक करने की जरुरत है.

महाराज जी ने नींद के विषय में फ़रमाया था “गुरुमुखों के लिए 4 घंटे की नींद काफी होती है, 6 घंटे वो सोये जो भारी भरकम काम करता हो.”, इन वचनों के हिसाब से 6 घंटे आखिरी सीमा है. बाकी अपने शरीर, परिश्रम और

Friday, 26 June 2020

102 - संत सिमरन कब करते हैं ?

एक बार पूजय कबीर साहिब जी से किसी ने पूछा आप दिन भर कपड़ा बुनते रहते हैं तो मालिक सतगुरु का

Saturday, 20 June 2020

101 - गुरु क्या है ?



गुरू एक तेज हे, जिनके आते ही, सारे सन्शय के अंधकार खतम हो जाते हैं .


गुरू वो मृदंग है, जिसके बजते ही अनाहद नाद सुनने शुरू हो जाते है. 

Saturday, 13 June 2020

100 - सेवक ने पूछा भाई तुम कहाँ जा रहे हो ?

एक सेवक ने अपने गुरू को अरदास की, जी मैं सत्सँग भी सुनता हूँ, सेवा भी करता हूँ, मग़र फिर भी मुझे कोई फल नहीं मिला , सतगुरु ने प्यार से पूछा, बेटा तुम्हे क्या चाहिए ?

Saturday, 6 June 2020

099 - हमे सच्चे सन्त-महापुरुषों की संगति में क्यों जाना चाहिए ?

एक सेठ बड़ा साधु सेवी था। जो भी सन्त-महात्मा नगर में आते वह उन्हें अपने घर बुला कर उनकी सेवा करता। एक बार एक महात्मा जी सेठ के घर आये। सेठानी महात्मा जी को भोजन कराने लगी।

Friday, 29 May 2020

098 - रुह को अन्दर जानें में कोनसी रुकावट है ?


"कर नैनों दीदार महल में प्यारा है।"  इस शब्द के द्वारा कबीर साहब नें अन्दर का भेद जितना खोला है उतना किसी भी संत ने नहीं खोला। इस पर सतसंग करते हुए महाराज सावन सिंह जी फरमाते हैं :

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